लॉकडाउन से परेशान पैपराजी, कहा- 'हम भी इंसान हैं और हम भी परेशान

लॉकडाउन से परेशान पैपराजी, कहा- 'हम भी इंसान हैं और हम भी परेशान

लॉकडाउन से परेशान पैपराजी, कहा- 'हम भी इंसान हैं और हम भी परेशान 

पूरा विश्व कोरोना की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। भारत में कुल  12759 तो पूरी दुनिया में अभी तक 1,938,786 मामले सामने आ चुके हैं। इसके साथ ही इस वायरस से अब तक एक लाख 40 हजार से ज्यादा लोग अपनी जान गवा चुके हैं। कोरोना की वजह से जहां बाकी क्षेत्र धीमे पड़ गए हैं तो वहीं सिनेमा भी ठप पड़ गया है। कोरोना वायरस की वजह से सितारे अपने अपने घरों में कैद हो गए हैं, इसका सबसे बड़ा असर पैपराजी पर पड़ा है।

दरअसल सितारों की आम तस्वीरों को फैंस तक पहुंचाने का काम करने वाले पैपराजी इन दिनों खाली हैं, क्योंकि सितारे ही कहीं आ- जा नहीं रहे हैं। कैलिफोर्निया में पहले जहां रेस्टोरेंट्स, नाइटकल्ब्स और कई अन्य जगहों पर सितारे छाए रहते थे तो अब करीबन एक महीने से सब बंद होने की वजह से सूनसान पड़ा है। समाचार एजेंसी एएफपी से बातचीत में सेलेब्स फोटो एजेंसी बौर- ग्रिफिन (Bauer-Griffin) की ओर से रैंडी बौर (Randy Bauer) ने कहा, 'हर तस्वीर में चश्मे और मास्क हैं, अब सिर्फ तस्वीरों के नाम पर यही मिल रहा है, ये हालात बिलकुल भी अच्छे नहीं है।'

बौर ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से करीबन 95 प्रतिशत काम ठप हो गया है। बौर की एजेंसी में करीब 20 फोटोग्राफर्स बतौर फ्रीलांसर काम करते हैं। जो एक महीने में करीब सात हजार तस्वीरें क्लिक करते थे। लेकिन अब ये 500 तस्वीरें भी नहीं रह गई हैं। सब कुछ चौपट सा हो गया है।

बता दें कि कोरोना वायरस का असर सिर्फ पैपराजी पर ही नहीं बल्कि रेड कार्पेट के फोटोग्राफर्स पर भी देखने को मिल रहा है, चूंकि सभी कार्यक्रम रद्द हो चुके हैं। चूंकि कोरोना की वजह से अब सितारे सड़कों और पार्टियों में शामिल नहीं हो रहे हैं तो ऐसे में अखबार, मैगजीन और टीवी शोज में इनकी डिमांड बढ़ गई है। सिर्फ ए लिस्टर ही नहीं बल्कि अब डी लिस्टर्स सितारों की तस्वीरें भी पब्लिशर डिमांड कर रहे हैं। बौर कहते हैं, 'ये बड़े अजीब हालात हैं कि जब सितारों की तस्वीरों की डिमांड काफी हाई है लेकिन सप्लाई नहीं के बराबर है।'